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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

सूचना का अधिकार अधिनियम

भारत सरकार ने सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम की जगह ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ अधिनियमित किया है। किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए, यह अधिनियम नागरिकों को सामान्य प्रकृति की सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है। इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक “सार्वजनिक प्राधिकरण” हैं।

अधिनियम के तहत उपलब्ध सूचना

जहां तक ​​बैंकों का संबंध है, संबंधित प्रावधान यथा धारा 4(1), 5(1) और 5(2) पहले ही लागू हो चुके हैं। सूचना के अधिकार के तहत उस सूचना को प्राप्त किया जा सकता है जो सार्वजनिक प्राधिकरण के रूप में बैंक के पास या उसके नियंत्रण में है तथा इसमें कार्य, दस्तावेज, अभिलेखों का निरीक्षण करने, टिप्पणियों, दस्तावेजों/अभिलेखों के उद्धरणों या प्रमाणित प्रतियों और तथ्यों के प्रमाणित नमूने लेने तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी संग्रहीत सूचना को प्राप्त करने का अधिकार शामिल है।

सूचना के प्रकट किए जाने से छूट

अधिनियम के धारा 8 और 9 के तहत कुछ निश्चित श्रेणियों की सूचना को नागरिकों को प्रकट किए जाने से छूट प्राप्त है। सूचना के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत करने से पहले जनता अधिनियम के संबंधित खंडों का भी संदर्भ ग्रहण करें।

सूचना कैसे प्राप्त करें?

कोई भी नागरिक लिखित रूप में या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रधान कार्यालय, इंडियन बैंक, नंबर 66, राजाजी सालै, चेन्नै – 600 001 में पदस्थ लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) को आवेदन पत्र प्रस्तुत करके सूचना के लिए अनुरोध कर सकता है। इसे बैंक की किसी शाखा/अंचल कार्यालय में भी जमा किया जा सकता है।

नागरिक https://rtionline.gov.in लिंक का उपयोग कर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में आरटीआई शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है और आवेदन जमा करने पर आवेदनकर्ता को पंजीकरण संख्या मिलती है जिससे वह आवेदन को ट्रैक कर सकता है।

आवेदन का निपटान आरटीआई अधिनियम की धारा 7 के अनुसार किया जाएगा।

 

 

आरटीआई अधिनियम की धारा 4 (1) (बी) के तहत बैंक द्वारा अनिवार्य प्रकटीकरण और

इसके वार्षिक अद्यतन – 2021

क्रमांक. अनिवार्य दायित्व सूचना का प्रकटीकरण
i इसके संरचना, कार्यों और कर्तव्यों का विवरण स्वदेशी आंदोलन के तहत 15 अगस्त 1907 को बैंक की स्थापना हुई थी और यह गर्व की बात है कि राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस और बैंक की संस्थापना दिवस की तिथि समान है। 19 जुलाई, 1969 को राष्ट्रीयकृत किये गए 14 बैंकों में इंडियन बैंक भी शामिल था। 2007 में बैंक एक सार्वजनिक सूचीबद्ध बैंक बन गया। यथास्थिति 31.12.2020 को इक्विटी पूंजी का 88.06% भारत सरकार की थी और शेष 11.94% आम जनता की थी।

1 अप्रैल 2020 से इलाहाबाद बैंक के इंडियन बैंक में समामेलन होने पर बैंक का प्रतिनिधित्व, व्यवसाय और ग्राहकों का विस्तार देश भर में हो गया। बैंक ने चार स्तरीय संगठनात्मक व्यवस्था को अपनाया है जिसमें सिंगापुर और श्रीलंका में स्थित 3 विदेशी शाखाओं के अलावा कॉर्पोरेट कार्यालय, 14 क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय, 78 अंचल कार्यालय और पूरे देश में फैले 6003 शाखाएं (31.12.2020 तक) शामिल हैं।

बैंक की गतिविधियां बैंकिंग विनियमन अधिनियम और समय-समय पर जारी आरबीआई के निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाती हैं।

शाखाओं का लोकेशन और पता जानने के लिए => शाखा नेटवर्क पर क्लिक करें

इसके अलावा बैंक पूरे देश में फैले एटीएम के माध्यम से 24×7 बैंकिंग सेवा प्रदान करता है। एटीएम का लोकेशन और पता जानने के लिए एटीएम नेटवर्क पर क्लिक करें।

बैंक की 3 विदेशी शाखाएं हैं – एक सिंगापुर में, विवरण के लिए सिंगापुर पर क्लिक करें और 2 श्रीलंका में है। विवरण के लिए कोलंबो और जाफना पर क्लिक करें।

बैंक की दो सहायक कंपनियां हैं: 1. इंडबैंक मर्चेंट बैंकिंग सर्विसेज लिमिटेड, विवरण के लिए इंडबैंक मर्चेंट बैंकिंग सर्विसेज लिमिटेड पर क्लिक करें।

2. इंडबैंक हाउसिंग लिमिटेड

बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए गैर-जीवन बीमा उत्पादों के विपणन के लिए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम भी कर रहा है।

बैंक ने तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को प्रायोजित किया है
तमिलनाडु ग्राम बैंकपुदवै भरतियार ग्राम बैंकसप्तगिरि ग्रामीण बैंक

संगठन की संरचना के विवरण के लिए संगठन की संरचना पर क्लिक करें।

ii इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियों और कर्तव्यों के लिए कर्मचारी और अधिकारियों की नौकरी की भूमिका/कर्तव्य पर क्लिक करें।
iii पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के चैनल सहित निर्णय लेने की प्रक्रिया में अनुवर्ती प्रक्रिया निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रयोग किये जानेवाले विभिन्न स्तर और विभिन्न स्केल के अधिकारियों के प्रशासनिक और ऋण संबंधी शक्तियां तथा पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के चैनलों से संबंधित प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों का निर्णय बोर्ड द्वारा तय किया जाता है और इसे एक गोपनीय दस्तावेज के रूप में रखा जाता है। शाखा स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय विभिन्न स्तर के शाखा प्रबंधकों द्वारा लिया जाता है जो अपनी स्थिति के अनुसार शाखा के सहायक प्रबंधक से लेकर उप महाप्रबंधक होते हैं। अंचल स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय अंचल कार्यालय स्तर की ऋण समिति (जेडएलसीसी) और अंचल स्तरीय सहायक प्रमुख ऋण समिति (जेडएलएससीसी) में लिया जाता है।
कॉर्पोरेट कार्यालय स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय कॉर्पोरेट कार्यालय स्तर की ऋण समिति (सीओएलसीसी – जीएम), कॉर्पोरेट कार्यालय स्तर की ऋण समिति (सीओएलसीसी – ईडी), ऋण स्वीकृति समिति (सीएसी) और बोर्ड की प्रबंधन समिति (एमसीबी) द्वारा लिया जाता है।
सीओएलसीसी (ईडी), सीएसी और एमसीबी के समक्ष प्रस्ताव ऋण स्टीयरिंग समिति के माध्यम से रखे जाते हैं।
iv इसके कार्यों के निर्वहन के लिए निर्धारित मानदंड बैंक के कार्यों के निर्वहन के लिए मानदंड भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों पर बोर्ड की मंजूरी पर आधारित हैं। कुछ सेवाओं के लिए समय मानदंडों के लिए सामान्य परिस्थितियों में कुछ सेवाओं के लिए समय मानदंड पर क्लिक करें।
v इसके पास या इसके नियंत्रण में या इसके कर्मचारियों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन के लिए उपयोग में लाये जानेवाले नियम, विनियम, निर्देश, नियमावली और अभिलेख बैंक के सभी शाखाओं और कार्यालयों को अपने कार्यों के प्रभावी ढंग से निर्वहन के लिए निर्देशों के मैनुअल और परिपत्रों की प्रतियां प्रदान की जाती हैं। मैनुअल की सूची के लिए = >  मैनुअल पर क्लिक करें। ऐसे मैनुअल का विवरण विस्तीर्ण है और इसमें कई हज़ार पृष्ठ हैं, अतः इसे बैंक की वेबसाइट https://www.indianbank.in/ जब भी ऐसी सूची से संबंधित कोई विशिष्ट विवरण मांगा जाता है, तो इसे आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अधीन निरीक्षण के लिए प्रदान किया जा सकता है।
vi विभिन्न श्रेणियों के दस्तावेजों का विवरण जो इसके पास या इसके नियंत्रण में हैं शाखाएं ऋण उधारकर्ताओं और जमाकर्ता ग्राहकों से संबंधित दस्तावेज रखती हैं।

केंद्रीय और राज्य कानूनों के आधार पर, कॉर्पोरेट कार्यालय ने बैंक की शाखाओं / कार्यालयों द्वारा रखे जानेवाले / अनुरक्षित किये जानेवाले विभिन्न दस्तावेजों की सूची निर्धारित की है।

vii उस व्यवस्था का विवरण जो इसकी नीति तैयार करने या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के साथ परामर्श या उनके प्रतिनिधित्व के लिए है। बैंक की किसी भी नीति को तैयार करने में जनता के साथ परामर्श के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
हालांकि, आरबीआई के निर्देशानुसार कॉर्पोरेट कार्यालय में ग्राहक सेवा संबंधी स्थायी समिति में आम जन के प्रतिनिधि के रूप में बैंक के पांच ग्राहक शामिल हैं। अंचल स्तर और शाखा स्तर पर संयुक्त ग्राहक सेवा समितियों में सदस्य के रूप में बैंक के ग्राहकों को शामिल किया जाता है जो समिति के बैठकों में अपने सुझाव / शिकायत प्रस्तुत करते हैं तथा इस समिति की बैठक अंचल स्तर / शाखा स्तर पर प्रति माह आयोजित की जाती है।
viii बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों का विवरण जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति शामिल हैं या जो सलाह के उद्देश्य से इसका अंग हैं तथा बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की ऐसी बैठकें जो जनता की सहभागिता के लिए खुली हैं, या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त जो जनता के लिए सुलभ हैं विवरण बैंक की वेबसाइट www.indianbank.in पर उपलब्ध है।

बोर्ड के विवरण के लिए => निदेशक मंडल पर क्लिक करें।
प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी की प्रोफाइल के लिए एमडी और सीईओ प्रोफाइल पर क्लिक करें।
कार्यपालक निदेशकों के प्रोफाइल के लिए ईडी प्रोफाइल पर क्लिक करें।
महाप्रबंधकों के विवरण के लिए महाप्रबंधक पर क्लिक करें।
समितियों के विवरण के लिए बोर्ड की समितियों के नाम पर क्लिक करें।
उनके संरचना, उद्देश्य और प्रत्येक समिति में सदस्यों की संख्या के बारे में अधिक जानकारी वार्षिक रिपोर्ट में उपलब्ध हैं। वार्षिक रिपोर्ट के लिए वार्षिक रिपोर्ट पर क्लिक करें। हमारी वेबसाइट https://www.indianbank.in/ => हमारे बारे में => वार्षिक रिपोर्ट => कॉर्पोरेट अभिशासन से संबंधित रिपोर्ट देखें तथा यह भी हमारे बारे में => निवेशक => निदेशक मंडल और बोर्ड की समितियां। बोर्ड, परिषदों और समितियों की बैठकें जनता की सहभागिता के लिए खुली नहीं हैं। साथ ही ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

ix इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की एक निर्देशिका यथास्थिति 28.02.2021 को अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका यथा एसआर संख्या, नाम, शाखा, अंचल / प्रधान कार्यालय, पदनाम और सकल वेतन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके सकल वेतन की निर्देशिका पर क्लिक करें।
x प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त किया गया मासिक पारिश्रमिक, साथ ही  इसके विनियमों में मुआवजा प्रणाली वेबसाइट में डेटा को सालाना फरवरी माह में अद्यतन किया जाता है क्योंकि स्थानान्तरण/ नियोजन, सेवानिवृत्ति के कारण डेटा माह दर माह बदलता रहता है। विभिन्न भत्ते के बकाया / वार्षिक वेतनवृद्धि / डीए / एचआरए आदि में परिवर्तन के कारण सकल वेतन बदलता रहता है।

बैंक में मुआवजा प्रणाली के बारे में, यह सूचित किया जाता है कि अधिकारियों के लिए यह अधिकारी सेवा विनियमों के अनुसार तय किया जाता है और कर्मचारियों के लिए यह द्विपक्षीय समझौते पर आधारित होता है।

xi सभी योजनाओं का विवरण दर्शाते हुए इसकी सभी एजेंसियों को आवंटित किया गया बजट, प्रस्तावित व्यय और वितरण संबंधी रिपोर्ट प्रस्तावित व्यय और वितरण के लिए बैंक के लिए बजट आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है। यह प्रावधान बैंकों पर लागू नहीं है। व्यवसाय संग्रहण के लिए अंचल स्तर पर विभिन्न पदाधिकारियों को दिये गए लक्ष्य प्रदर्शित हैं।
xii आवंटित राशि सहित सब्सिडी कार्यक्रमों के निष्पादन का तरीका तथा ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों का ब्योरा हमारा बैंक केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा  सब्सिडी दिये जानेवाली ऋण योजनाओं यथा पीएमईजीपी योजना, यूवाईईजीपी योजना, वस्त्र उद्योग के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना (टीयूएफएस) का क्रियान्वयन करता है जिसमें ऋण परियोजनाओं का एक निश्चित प्रतिशत सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाता है।

केंद्र और राज्य सरकार के प्रायोजन विभाग ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों को सूचीबद्ध करते हैं और परिचालन से संबंधित क्षेत्र में बैंकों में आवंटित करते हैं। सब्सिडी केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित प्रायोजन विभागों द्वारा प्रबंधित की जाती है।

जनता को दिये जानेवाले बैंक के विभिन्न ऋण उत्पाद हैं। विवरण के लिए ऋण मेन्यू का चयन करें।

जनता को सूचित किया जाता है कि ऋण स्वीकृति प्रदान करनेवाला प्राधिकारी प्रत्येक ऋण प्रस्ताव के तथ्यों, आंकड़ों और पात्रता को ध्यान में रखकर बैंक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करके ऋण स्वीकृति का निर्णय लेंगे।

xiii इसके द्वारा दी गई रियायतों, परमिटों या अधिकार-पत्रों के प्राप्तकर्ताओं का विवरण निम्नलिखित को छोड़कर मांग और सावधि जमा के संबंध में बैंक द्वारा रियायत, परमिट, प्राधिकार देने का कोई कार्यक्रम नहीं है:

बचत बैंक जमा के लिए स्टाफ/पात्र सेवानिवृत्त स्टाफ सदस्यों को 1.00% प्रति वर्ष का अतिरिक्त ब्याज प्रदान किया जाता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹10 करोड़ तक की राशि तक की घरेलू सावधि जमा के लिए देय अतिरिक्त ब्याज दर 0.50% प्रति वर्ष होगी। अल्पावधि जमा, सावधि जमा और धन गुणक जमा योजनाओं के संबंध में कार्ड दर से 7 दिन से 10 वर्ष तक की जमा राशि पर अतिरिक्त दर प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, आवर्ती जमा खातों के लिए अतिरिक्त ब्याज दर 6 महीने से 120 महीने (3 महीने के गुणक में) की अवधि के लिए पात्र होगी। उपरोक्त उच्चतम सीमा एक या एक से अधिक शाखाओं में प्रधान खाता धारक के रूप में वरिष्ठ नागरिक के नाम पर जमा सभी प्रकार की सावधि जमाओं पर लागू होती है। तथापि, एकल सीआईएफ के अंतर्गत ₹10 करोड़ की समग्र सीमा के भीतर एक दिन में ₹2 करोड़ से अधिक के लिए कोई एकल जमा खाता नहीं खोला जा सकता है।

पूंजीगत लाभ योजना टाइप बी (सावधि जमा) 1988 योजना के तहत खोले गए वरिष्ठ नागरिकों की जमा खाता इस लाभ के लिए पात्र नहीं है। इसी प्रकार एचयूएफ के नाम पर सावधि जमा के मामले में एचयूएफ का कर्ता उच्च ब्याज दर के लिए पात्र नहीं है, भले ही वह एक वरिष्ठ नागरिक हो, क्योंकि जमा का लाभार्थी स्वामी एचयूएफ है, न कि व्यक्तिगत रूप से एचयूएफ का कर्ता।

उपरोक्त के अलावा, प्रदान की गई विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क में रियायतें चयनित श्रेणी के ग्राहकों को प्रदान की जाती हैं, जैसे कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, छात्र, रक्षा कर्मी, सरकारी विभाग, मंत्रालय, नेत्रहीन / विकलांग, संस्थान, सहकारी / भूमि विकास बैंक, सेवा सहकारी समितियां और डीआरडीए, पीएम / सीएम राहत कोष, धार्मिक कल्याण सेवाएं / धर्मार्थ संस्थान, भूमिहीन कृषि मजदूर, बैंक द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आदि।

xiv इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध या इसके पास रखी गई जानकारी के संबंध में विवरण हमारे ग्राहकों और आम जनता के लाभ के लिए हमारी वेबसाइट https://www.indianbank.in/ पर सार्वजनिक/ग्राहक के हित वाली जानकारी को पोर्ट किया जाता है। निविदाओं / बोलियों / नीलामी के विवरण के लिए निविदाएं / बोलियां / नीलामी पर क्लिक करें।
xv सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए पुस्तकालय या रीडिंग रूम की कार्यावधि सहित जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं का विवरण नागरिकों का चार्टर हमारी वेबसाइट https://www.indianbank.in/ पर पोर्ट किया गया है। विवरण के लिए नागरिक चार्टर पर क्लिक करें। संपर्क विवरण के लिए संपर्क पर क्लिक करें। कॉर्पोरेट अभिशासन के विवरण के लिए कॉर्पोरेट अभिशासन पर क्लिक करें,
बैंक की सभी शाखाएं जनसाधारण के उपयोग के लिए एक स्थानीय भाषा और एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र सबस्क्राइब करते हैं।
जनसाधारण की जानकारी के लिए शाखाओं की कार्यावधि बोल्ड अक्षरों में शाखा परिसर में प्रदर्शित किया जाता है।
xvi लोक सूचना अधिकारियों और सहायक लोक  सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विवरण निम्नांकित हाइपर लिंक में दी गई है आरटीआई अधिनियम की धारा 19(1) के तहत एक महाप्रबंधक को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) के रूप में नामित किया गया है और आरटीआई अधिनियम की धारा 5 के तहत एक उप महाप्रबंधक को लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के रूप में नामित किया गया है। आरटीआई अधिनियम की धारा 5 के तहत सभी अंचल प्रमुखों को सहायक लोक सूचना अधिकारी (एपीआईओ) के रूप में नामित किया गया है। विवरण के लिए लोक सूचना अधिकारियों और सहायक लोक सूचना अधिकारियों, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, पारदर्शिता अधिकारी के पता, टेलीफोन/ फैक्स नंबर / ईमेल आईडी पर क्लिक करें ।
आरटीआई अधिनियम के नियमों के तहत शुल्क के विवरण के लिए शुल्क और लागत नियमों का विनियम पर क्लिक करें। आवेदन पत्र के मॉडल के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप पर क्लिक करें। आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन पत्र और नकद में 10/- रुपये के आवेदन शुल्क हमारी सभी शाखाओं द्वारा स्वीकार किए जाते हैं। आवेदक से अपेक्षित है की वे अपने आवेदन के साथ इस तरह के नकदी प्रेषण के प्रमाण को संलग्न करें।
xvii निर्धारित की जानेवाली अन्य सूचना तथा प्रति वर्ष इन प्रकाशित सूचनाओं का अद्यतनीकरण जनता से संबंधित सूचना समय-समय पर बैंक की वेबसाइट पर पोर्ट की जाती है। वित्तीय परिणामों के विवरण के लिए वित्तीय परिणाम पर क्लिक करें, निवेशकों से संबंधित जानकारी के लिए निवेशक पर क्लिक करें, वार्षिक रिपोर्ट के लिए वार्षिक रिपोर्ट पर क्लिक करें और समवर्ती लेखा परीक्षकों के चयन के लिए मानदंडों के लिए समवर्ती लेखापरीक्षा आयोजित करने के लिए लेखापरीक्षा फर्मों की सूचीबद्धता पर क्लिक करें । आरटीआई अधिनियम की धारा 4(1)(बी) के तहत सूचना को प्रति वर्ष फरवरी माह में अद्यतन किया जाता है।

आरटीआई के तहत प्राप्त आवेदन और प्रदान की गई सूचना का विवरण:

प्राप्त और निपटाए गए आरटीआई आवेदनों का विवरण:

वर्ष 2020-21: प्राप्त आवेदन – 4851 आवेदनों का निपटान – 4686

प्राप्त अपीलों और जारी आदेश का विवरण:

वर्ष 2020-21: प्राप्त अपीलें – 800 अपीलों का निपटान – 768

वर्ष 2020-21 में सीपीआईओ/एपीआईओ का प्रशिक्षण

प्रशिक्षित व्यक्तियों की संख्या – 637

सूचना के प्रकटीकरण से छूट के लिए यहां क्लिक करें (आरटीआई अधिनियम की धारा 8)

 

सार्वजनिक सूचना: शिकायतों का निवारण आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर है।

सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4(2) के अनुसार, बैंक ने निम्नलिखित सूचना का प्रकटीकरण किया: विवरण के लिए लिंक पर क्लिक करें।

*ग्राहकों के लिए प्रतिबद्धता संहिता *सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए प्रतिबद्धता संहिता *चेक संग्रहण नीति *ग्राहक अनुभव संबंधी नीति *अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) दस्तावेज *बचत बैंक के लिए एसओपी 2021 *चालू खाते के लिए एसओपी 2021 *नामांकन नियम *भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वास्तविक मुद्रा नोटों की विशेषताएं *आरबीआई बैंक नोट की विशेषताएं – 2021-22 *वित्तीय समावेशन *अल्पसंख्यकों का कल्याण *व्हिसल ब्लोअर नीति *एटीएम निकासी की विफलता संबंधी शिकायत *शैक्षिक ऋण *शैक्षिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी, *वर्ष 2020-21 से सांविधिक शाखा लेखापरीक्षकों की नियुक्ति संबंधी नीति *वर्ष 2020-21 से सांविधिक केंद्रीय लेखापरीक्षकों की नियुक्ति संबंधी नीति *छुट्टियों की सूची *लॉकर/वस्तुओं के सुरक्षित जमा की प्रक्रिया *सेवा शुल्क/विदेशी मुद्रा दर, *ऋण दर, *जमा दर, *बैंकिंग लोकपाल स्कीम, *लोक सूचना अधिकारियों और सहायक लोक सूचना अधिकारियों, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, पारदर्शिता अधिकारी के पता, टेलीफोन/ फैक्स नंबर / ईमेल आईडी  *बैंकिंग लोकपाल स्कीम के तहत अंचल स्तर पर नोडल अधिकारी *ग्राहक शिकायत के लिए नोडल अधिकारी  *स्थानांतरण नीति 2021 *अनुलग्नक-ए – पदोन्नति नीति 2021-22 – स्केल I से II, II से III, III से IV *अनुलग्नक-बीपदोन्नति नीति 2021-22 – स्केल IV से V, V से VI, VI से VII *वर्ष 2020-21 में संसद में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर

( अंतिम संशोधन Sep 21, 2021 at 01:09:31 PM )

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