राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर1800 425 00 000
 
राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर1800 425 00 000

संयुक्त देयता समूह (जेएलजी)

संयुक्त देयता समूह (जेएलजी)

प्रयोजन / उद्देश्य

  • * मौखिक पट्टेदार के रूप में भूमि की खेती करनेवाले काश्तकार किसानों या बटईदारों को और ऐसे छोटे किसानों को जो अपने जोत का उचित हक नहीं रखते हैं संयुक्त देयता समूह का गठन करने और उनका वित्तपोषण करने के माध्यम से ऋण प्रवाह बढ़ाना
  • * जेएलजी तंत्र के माध्यम से लक्ष्य समूह के ग्राहकों को संपार्श्विक मुक्त ऋण प्रदान करना
  • * काश्तकार किसानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसे का निर्माण करना

पात्रता

  • * जेएलजी में काश्तकार – किसान और छोटे किसान होते हैं जो अपनी भूमि का उचित हक न रखते हुए भूमि की खेती करते रहते हैं।
  • * जेएलजी को एकसमान आर्थिक स्थिति होनी चाहिए और एक संयुक्त देयता समूह के रूप में कार्य करने के लिए सहमत होकर बाहर खेती की गतिविधियां करती रहनी चाहिए
  • * सदस्यों को एक वर्ष से कम न होनवाली अवधि के लिए कृषि गतिविधियों में लेगे रहना चाहिए.
  • * जेएलजी सदस्यों को चूककर्ता न रहने चाहिए और एक ही परिवार से नहीं होना चाहिए.

ऋण की मात्रा

  • ऋण की अधिकतम राशि 50,000 रुपये प्रति व्यक्ति तक सीमित है

ब्याज दर

  • राशि स्लैब (रुपये में रुपये) ब्याज दर
    0.50 तक 7% पीए (भारत सरकार से ब्याज सबवेन्शन के तहत)
  • सावधि ऋण के लिए:
    राशि स्लैब (लाखों में) ब्याज दर
    0.50 तक बीआर + 0.75 + 1.00

पुनर्भुगतान अवधि

  • ऋण राशि फसल की कटाई की तारीख से 2 महीने के भीतर समायोजित की जानी चाहिए।

जमानत

  • कोई संपार्श्विक नहीं। हालांकि, आपसी जेएलजी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत परस्पर गारंटी रिकार्ड पर रखी जाती है.

( अंतिम संशोधन Apr 02, 2019 at 01:04:27 PM )