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बैंक का प्रोफाइल

बैंक का प्रोफाइल

बैंक की स्थापना से लेकर अब तक का संक्षिप्त इतिहास

1907 ·         बैंक को 5 मार्च, 1907 को 20 लाख की अधिकृत पूंजी के साथ स्थापित किया गया और 15 अगस्त, 1907 को अपना व्यवसाय शुरू किया।

·         वर्ष 1907 में, इंडियन बैंक लिमिटेड ने ‘बरगद’ वृक्ष को अपने प्रतीक के रूप में अपनाया था जो प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति, सर्वत्र विकास और निरंतर बढ़ती हुई समृद्धि का द्योतक था।

1921 ·         बैंक की पूंजी रु.20 लाख से बढ़कर रु.60 लाख हो गई।
1932 ·         बैंक ने रजत जयंती मनाई।

·         बैंक ने कोलंबो में पहली विदेशी शाखा खोली।

1941 ·         सिंगापुर शाखा खोली गई।
1957 ·         बैंक ने स्वर्ण जयंती मनाई।
1967 ·        बैंक ने हीरक जयंती मनाई।
1978 ·         एक केंद्रीय बिंदु बनाते हुए तीन चक्करदार तीर के रूप में बैंक के लोगो को स्वीकृती मिली।
1982 ·         बैंक ने प्लेटिनम जुबली मनाई।
1990 ·         157 शाखाओं वाले बैंक ऑफ तंजावुर लिमिटेड (बीओटी) को बैंक के साथ समामेलित किया गया।
2006 ·         महामहिम राष्ट्रपति श्री ए पी जे अब्दुल कलाम द्वारा 4 सितंबर को शताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन किया गया।
2007 ·         बैंक फरवरी, 2007 में प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव लाया।
2008 ·         100 प्रतिशत कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (सीबीएस) का अनुपालन किया गया।
2019 ·        इंडियन बैंक द्वारा प्रायोजित पल्लवन ग्राम बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा प्रायोजित पांडियन ग्राम बैंक के सफल समामेलन के बाद 1 अप्रैल 2019 को तमिलनाडु ग्राम बैंक का परिचालन शुरू हुआ।

·        भारत सरकार ने इंडियन बैंक में 155 वर्षों की विरासतवाले इलाहाबाद बैंक के समामेलन की घोषणा की।

2020 ·     बैंक ने 1 अप्रैल, 2020 को समामेलित इकाई के रूप में परिचालन शुरू किया। दोनों बैंकों के सीबीएस सिस्टम का एकीकरण 14.02.2021 को पूरा किया गया।

शाखा नेटवर्क

                                                           देशी शाखाएं: 5759                 विदेशी शाखाएं: 3

यथास्थिति 30.09.2021 को बैंक का निष्पादन

आस्ति एवं देयताएं

  • विगत वर्ष में रु.365896 करोड़ के अग्रिमों के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में 5% की वृद्धि होकर अग्रिम रु.385730 करोड़ हो गए, यह वृद्धि मुख्यतः रैम क्षेत्र (13%) से हुई जिसमें से खुदरा, कृषि व एमएसएमई में क्रमशः 14%,16% व 8% की वृद्धि हुई
  • बैंक ने अग्रिमों के क्षेत्र में पूंजी विकास पर फोकस किया है।
  • सितंबर 2020 में रु.501956 करोड़ के सापेक्ष सितंबर 2021 में वर्ष-दर-वर्ष 10% एवं तिमाही-दर-तिमाही 2% की वृद्धि के साथ कुल जमाराशि रु.551472 करोड़ रही।
  • कासा जमाओं में वर्ष-दर-वर्ष 8% एवं तिमाही-दर-तिमाही 2% वृद्धि के साथ यह वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में रु.225309 करोड़ रही। वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में कुल जमाओं में कासा की हिस्सेदारी 41% रही। वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में चालू खातों में 14% एवं बचत खातों में 8% की वर्ष दर वर्ष वृद्धि हुई।
  • सितंबर 2020 में रु.867852 करोड़ के सापेक्ष सितंबर 2021 में कुल कारोबार में वर्ष-दर-वर्ष 8% की वृद्धि दर्ज करते हुए यह रु.937202 करोड़ हो गया। क्रमिक तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह 1% बढ़ा।
  • प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र पोर्टफोलियो में गत वर्ष की समान तिमाही के रु.138244 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2021 में रु.141906 करोड़ हो गया है। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के अग्रिमों का प्रतिशत एएनबीसी की 40% की विनियामक आवश्यकता के सापेक्ष 44% है।
  • कुल अग्रिमों में रैम (आरएएम) की हिस्सेदारी 60% है।

 

पूंजी पर्याप्तता

  • वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर)15.88% रहा, इसमें वर्ष-दर-वर्ष 224 बीपीएस की वृद्धि हुई। टियर-II बॉन्ड हेतु बैंक द्वारा कॉल-अप विकल्प का उपयोग किए जाने के कारण आनुक्रमिक तिमाही आधार पर वित्तीय वर्ष 2022 की प्रथम तिमाही के 15.92% से 4 बीपीएस घट गया।
  • टीयर-I सीआरएआर वित्तीय वर्ष 2021 की द्वितीय तिमाही में 10.74% के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में 12.34% रहा, इसमें वर्ष-दर-वर्ष 160 बीपीएस की वृद्धि हुई। आनुक्रमिक तिमाही आधार पर वित्तीय वर्ष 2022 की प्रथम तिमाही के 12.22% से 12 बीपीएस बढ़ गया।

 

आस्ति गुणवत्ता

  • सितंबर 2021 में सकल गैर निष्पादक आस्तियाँ सकल अग्रिमों की 9.56% रहीं जिनमें वर्ष-दर-वर्ष 33 बीपीएस एवं तिमाही-दर-तिमाही 13 बीपीएस कमी आई।
  • निवल गैर निष्पादक आस्तियाँ सितंबर 2020 में 2.96% के सापेक्ष सितंबर 2021 को 3.26% रहीं। यह 30 जून 2021 को 3.47% थी।
  • प्रथम तिमाही में रु.4204 करोड़ के सापेक्ष नए स्लिपेज कम होकर रु.3952 करोड़ रहे। हालांकि, कॉरपोरेट ऋण और फसल ऋण में नया स्लिपेज अधिक था।
  • द्वितीय तिमाही के दौरान रु.831 करोड़ की उच्च नकदी वसूली की गई एवं रु.775 करोड़ रुपए की उच्च एयूसी वसूली की गई।

 

परिचालन लाभ एवं निवल लाभ

  • वित्तीय वर्ष 2021 की द्वितीय तिमाही में रू.2942 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ 11% वर्ष-दर-वर्ष बढ़कर रु.3276 करोड़ हो गया।
  • वित्तीय वर्ष 2021 की द्वितीय तिमाही में हुए रु.412 करोड़ के निवल लाभ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022 की द्वितीय तिमाही के दौरान यह 164% वर्ष-दर-वर्ष बढ़कर रु.1089 करोड़ हो गया।
  • सितंबर 2021 को समाप्त हुई अर्धवार्षिकी में परिचालन लाभ 17% की वृद्धि के साथ रु.6691 करोड़ रहा एवं निवल लाभ में 191% वृद्धि दर्ज कर रु.2271 करोड़ रहा।

 

डिजिटल पहलें

  • मुख्य रूप से मोबाइल और यूपीआई के कारण डिजिटल लेनदेन में 10% की वृद्धि।
  • प्ले स्टोर में मोबाइल रेटिंग 2.7 से सुधरकर 4.2 हो गई।
  • खाता खोलने के लिए वीडियो केवाईसी की शुरुआत की गई।
  • भारत सरकार के डिजी-लॉकर के माध्यम से ई पास बुक की शुरुआत की गई।
  • नया फास्टैग ऐप उपलब्ध किया गया।
  • मोबाइल ऐप में वेल्थ मैनेजमेंट टूल फिसडम उपलब्ध किया गया।
  • सरकारी सेवाएं – तमिलनाडु और ओडिशा में एकीकृत ट्रेजरी संग्रह शुरू किया गया।
  • ई रुपी – मोबाइल ऐप के माध्यम से यूपीआई प्रीपेड वाउचर (पीपीवी) शुरू किया गया।

 

वित्तीय समावेशन

  • दिनांक 16.08.2014 को पीएमजेडीवाई के शुरू होने से अब तक बैंक ने 181.61 लाख आधारभूत बचत बैंक जमा खाता खोला है।
  • 107.89 लाख बीएसबीडी खाताधारकों को रुपे कार्ड जारी किये गये।
  • बीसी नेटवर्क की मौजूदगी 24 राज्यों और 05 केंद्र शासित प्रदेशों में है।
  • सभी बैंक मित्रों को आईबीए मानक (1.5.1) के अनुरूप अन्तर परिचालन माइक्रो एटीएम/ कियोस्क एकीकृत साल्यूशन (केएएस) उपकरण उपलब्ध कराये गये।
  • खाते के मामले में बाजार हिस्सेदारी 4.18% है, जबकि बकाया राशि के मामले में 4.61% है।

( अंतिम संशोधन Nov 19, 2021 at 02:11:32 PM )

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